noImage

मुस्तफ़ा खां यकरंग

- 1737 | लखनऊ, भारत

शेर 3

क्या जानिए कि वस्ल तिरा किस को हो नसीब

हम तो तिरे फ़िराक़ में यार मर गए

  • शेयर कीजिए

कहो ये कि यार जाता है

मेरा सब्र-ओ-क़रार जाता है

  • शेयर कीजिए

जिगर किसी का जले दिल जले दिमाग़ जले

वो कह गए हैं कि आएँगे हम चराग़ जले

  • शेयर कीजिए
 

"लखनऊ" के और शायर

  • मुसहफ़ी ग़ुलाम हमदानी मुसहफ़ी ग़ुलाम हमदानी
  • मीर हसन मीर हसन
  • हैदर अली आतिश हैदर अली आतिश
  • इमदाद अली बहर इमदाद अली बहर
  • इरफ़ान सिद्दीक़ी इरफ़ान सिद्दीक़ी
  • वलीउल्लाह मुहिब वलीउल्लाह मुहिब
  • मुनव्वर राना मुनव्वर राना
  • ख़्वाज़ा मोहम्मद वज़ीर ख़्वाज़ा मोहम्मद वज़ीर
  • अज़ीज़ लखनवी अज़ीज़ लखनवी
  • वज़ीर अली सबा लखनवी वज़ीर अली सबा लखनवी