ग़ज़ल 5

 

शेर 2

रंग दरकार थे हम को तिरी ख़ामोशी के

एक आवाज़ की तस्वीर बनानी थी हमें

मुझ से ज़ियादा कौन तमाशा देख सकेगा

गाँधी-जी के तीनों बंदर मेरे अंदर

  • शेयर कीजिए
 

"दुबई" के और शायर

  • ओबैदुर्रहमान नियाज़ी ओबैदुर्रहमान नियाज़ी
  • सुलैमान जाज़िब सुलैमान जाज़िब
  • फैज़ुल अमीन फ़ैज़ फैज़ुल अमीन फ़ैज़
  • फ़रज़ाद अली ज़ीरक फ़रज़ाद अली ज़ीरक
  • सय्यद यासिर गीलानी सय्यद यासिर गीलानी
  • सरवर नेपाली सरवर नेपाली
  • अहया भोजपुरी अहया भोजपुरी
  • मेगी आसनानी मेगी आसनानी
  • ज़ुबैर फ़ारूक़ ज़ुबैर फ़ारूक़
  • सय्यद ताबिश ज़ैदी सय्यद ताबिश ज़ैदी