आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "sarsaa.ii"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "sarsaa.ii"
नज़्म
तीसरी नज़्म
घुप रंगों के घाट उतरती रीछ की ये अधली सरसाई
दिल की उजली बे सर्व सामानी इस में क्या क्या ठाट छपा है
सलाहुद्दीन परवेज़
नज़्म
शिकवा
तू जो चाहे तो उठे सीना-ए-सहरा से हबाब
रह-रव-ए-दश्त हो सैली-ज़दा-ए-मौज-ए-सराब
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
जवाब-ए-शिकवा
वो भी दिन थे कि यही माया-ए-रानाई था
नाज़िश-ए-मौसम-ए-गुल लाला-ए-सहराई था
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
याद
दश्त-ए-तन्हाई में ऐ जान-ए-जहाँ लर्ज़ां हैं
तेरी आवाज़ के साए तिरे होंटों के सराब
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "sarsaa.ii"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
रेख़्ता शब्दकोश
paarsaa.ii
पारसाई پارْسائی
पारसा ' होने की अवस्था या भाव, संयम, इंद्रिय-निग्रह, धार्मिकता, साधुता, सदाचार
tarsaa.ii
तरसाई تَرْسائی
(تصوف) تفرید اور تجرید دونوں کو کہتے ہیں اور بعض لوگ دقایق کے ادراک کو بھی کہتے ہیں
अन्य परिणाम "sarsaa.ii"
नज़्म
दरख़्त-ए-ज़र्द
अवामुन्नास से पूछो भला अल-कुह्ल में क्या है
ये तअन-ओ-तंज़ की हर्ज़ा-सराई हो नहीं सकती
जौन एलिया
ग़ज़ल
ख़ीरा-सरान-ए-शौक़ का कोई नहीं है जुम्बा-दार
शहर में इस गिरोह ने किस को ख़फ़ा नहीं किया
जौन एलिया
नज़्म
वो सुब्ह कभी तो आएगी
संसार के सारे मेहनत-कश खेतों से मिलों से निकलेंगे
बे-घर बे-दर बे-बस इंसाँ तारीक बिलों से निकलेंगे














