ग़ज़ल 2

 

शेर 2

जो तिरी जुस्तुजू में छोड़ दिया

उस का नेमुल-बदल तो तू भी नहीं

  • शेयर कीजिए

तेरे होते भी सब ख़राब ही था

और फिर आज कल तो तू भी नहीं

  • शेयर कीजिए
 

संबंधित शायर

  • मोहम्मद मुस्तहसन जामी मोहम्मद मुस्तहसन जामी समकालीन
  • ओसामा अमीर ओसामा अमीर समकालीन
  • अब्दुर्रहमान मोमिन अब्दुर्रहमान मोमिन समकालीन

"लाहौर" के और शायर

  • शहज़ाद अहमद शहज़ाद अहमद
  • ज़फ़र इक़बाल ज़फ़र इक़बाल
  • अल्लामा इक़बाल अल्लामा इक़बाल
  • मुनीर नियाज़ी मुनीर नियाज़ी
  • नासिर काज़मी नासिर काज़मी
  • अब्बास ताबिश अब्बास ताबिश
  • वसी शाह वसी शाह
  • नबील अहमद नबील नबील अहमद नबील
  • अहमद नदीम क़ासमी अहमद नदीम क़ासमी
  • अमजद इस्लाम अमजद अमजद इस्लाम अमजद