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बिहार के शायर और अदीब

कुल: 449

क्लासिकी शुऊर और अस्री हिस्सियत के इम्तिज़ाज को तख़लीक़ी इज़हार देने वाले मारूफ़ शायर

मीर तक़ी मीर के समकालीन, अज़ीमाबाद के प्रतिष्ठित एवं प्रतिनिधि शायर

मशहूर अफ़्साना निगार और नॉवेल निगार, हिन्दुस्तान में साम्प्रदायिक दंगों के परिप्रेक्ष्य में कहनियाँ और उपन्यास लेखन के लिए जाने जाते हैं।

क्लासिकी लहजे के प्रमुख और लोकप्रिय शायर

बिहार के प्रमुख उत्तर-क्लासिकी शायर

अनुसंधान और संपादन में जवाबदेही के प्रतीक, जिनकी तार्किक और प्रमाण-आधारित शैली ने उर्दू शोध को वैज्ञानिक वस्तुनिष्ठता प्रदान की

अग्रणी पूर्व-आधुनिक शायरों में विख्यात।

अग्रणी आधुनिक शायरों में विख्यात।

पूर्वी विचारधारा के प्रतिनिधि आलोचक और इक़बाल विशेषज्ञ

प्रमुख शोधकर्ता, पुस्तकालय प्रबंधक और पुस्तक प्रेमी

प्रसिद्ध समकालीन शायर, अपनी नज़्मों के लिए मशहूर

प्रसिद्ध आलोचक, शोधकर्ता, कथाकार और शायर,अपनी रोमांटिक नज़्मों के लिए भी जाने गए।

महत्वपूर्ण उत्तर-आधुनिक शायर।

अज़ीमाबाद के नामचीन शायर, मशहूर शेर ‘सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है / देखना है जोर कितना बाज़ुए क़ातिल में है’ के रचयिता

उर्दू आलोचना मे कृतिमान स्थापित करने वाली किताब “काशिफ़-अल-हक़ाएक़” के लिए प्रसिद्ध

उत्तर आधुनिक उर्दू शायर मुक्तिवादी और परिवर्तनधर्मी विचार-सृजन के लिये प्रख्यात

शायर और अफ़साना निगार, अपनी रचनाओं में साझा सांस्कृतिक परम्पराओं की पुनरवलोकन के लिए जाने जाते हैं.

प्रगतिशील शायर, लेखक, इक बेवफ़ा के नाम जैसी नज़्मों और अपनी आत्मकथा मेरी कहानी के लिए प्रसिद्ध

1980 की दहाई में नुमायाँ होने वाले अहम शाइरोंं में शुमार

बिहार के मारूफ़ सूफ़ी सिलसिले से वाबस्ता सूफ़ी शायर

प्रगतिशील कहानीकार, शायर और नाटककार।

शोधकर्ता, आलोचक, ‘तारीख़-ए-अदब-ए-उर्दू’ और ‘तारीख़-ए-अदबियात-ए-आलम’ के लेखक

बिहार की मशहूर साहित्यिक प्रतिभा, शायरी के साथ विभिन्न साहित्यिक विषयों पर अपनी पद्यात्मक रचनाओं के लिए प्रसिद्ध

उर्दू के प्रसिद्ध निबंधकार और संवेदनशील लेखक

प्रतीकात्मक, अमूर्त और अस्तित्ववादी कहानियों के लिए एक विशिष्ट पहचान।

शायर और लेखक, आज़ादी के बाद उर्दू नॉवेल की स्थिति पर एक किताब लिखी, पटना विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग से सम्बद्ध रहे

पत्रकार और कवि,अपने बाल साहित्य के लिए जाने जाते हैं

बिहार के अहम शायर और गद्यकार, आलोचनात्मक आलेख भी लिखे और हास्य लेखन भी

मुमताज़ शायर, मशहूर अदीब, अपनी राजनीतिक और प्रतीकात्मक नज़्मों के लिए प्रसिद्ध

विख्यात प्रगतिवादी शायर

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