ग़ज़ल 4

 

शेर 18

वो करे बात तो हर लफ़्ज़ से ख़ुश्बू आए

ऐसी बोली वही बोले जिसे उर्दू आए

  • शेयर कीजिए

जो कहता था ज़मीं को मैं सितारों से सजा दूँगा

वही बस्ती की तह में रख गया चिंगारियाँ अपनी

  • शेयर कीजिए

लोग हैरत से मुझे देख रहे हैं ऐसे

मेरे चेहरे पे कोई नाम लिखा हो जैसे

  • शेयर कीजिए

जो चेहरे दूर से लगते हैं आदमी जैसे

वही क़रीब से पत्थर दिखाई देते हैं

  • शेयर कीजिए

मुद्दत गुज़र गई है कि दिल को सुकूँ नहीं

मुद्दत गुज़र गई है किसी का भला किए

  • शेयर कीजिए

पुस्तकें 4

Ahmad Wasi : Shairi Aur Shakhsiyat

 

2010

Bahta Pani

 

1983

Jugnu Mere Sath Sath

 

2004

Tahreeren

 

2015

 

"मुंबई" के और शायर

  • साहिर लुधियानवी साहिर लुधियानवी
  • निदा फ़ाज़ली निदा फ़ाज़ली
  • अख़्तरुल ईमान अख़्तरुल ईमान
  • अब्दुल अहद साज़ अब्दुल अहद साज़
  • गुलज़ार गुलज़ार
  • जावेद अख़्तर जावेद अख़्तर
  • अली सरदार जाफ़री अली सरदार जाफ़री
  • ज़ाकिर ख़ान ज़ाकिर ज़ाकिर ख़ान ज़ाकिर
  • राजेश रेड्डी राजेश रेड्डी
  • नवीन जोशी नवीन जोशी