Nida Fazli's Photo'

निदा फ़ाज़ली

1938 - 2016 | मुंबई, भारत

महत्वपूर्ण आधुनिक शायर और फ़िल्म गीतकार। अपनी ग़ज़ल ' कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता ' के लिए प्रसिध्द

महत्वपूर्ण आधुनिक शायर और फ़िल्म गीतकार। अपनी ग़ज़ल ' कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता ' के लिए प्रसिध्द

ग़ज़ल 92

नज़्म 47

शेर 69

कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता

कहीं ज़मीन कहीं आसमाँ नहीं मिलता

हर आदमी में होते हैं दस बीस आदमी

जिस को भी देखना हो कई बार देखना

धूप में निकलो घटाओं में नहा कर देखो

ज़िंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो

दोहा 12

बच्चा बोला देख कर मस्जिद आली-शान

अल्लाह तेरे एक को इतना बड़ा मकान

  • शेयर कीजिए

नक़्शा ले कर हाथ में बच्चा है हैरान

कैसे दीमक खा गई उस का हिन्दोस्तान

  • शेयर कीजिए

वो सूफ़ी का क़ौल हो या पंडित का ज्ञान

जितनी बीते आप पर उतना ही सच मान

  • शेयर कीजिए

ई-पुस्तक 18

Aitaraf

Kitabi Silsila Number-001

2005

आँख और ख़्वाब के दरमियान

 

1986

दीवारों के बाहर

 

2000

Deewaron Ke Bahar

 

2000

Deewaron Ke Beech

 

1992

Deewaron Ke Beech

 

2001

Duniya Mere Aage

 

2008

Intikhab Apna Apna

 

1987

Khoya Hua Sa Kuch

 

1996

Lafzon ka Pul

 

1967

चित्र शायरी 24

बदला न अपने-आप को जो थे वही रहे मिलते रहे सभी से मगर अजनबी रहे

बदला न अपने-आप को जो थे वही रहे मिलते रहे सभी से मगर अजनबी रहे

हर तरफ़ हर जगह बे-शुमार आदमी फिर भी तन्हाइयों का शिकार आदमी सुब्ह से शाम तक बोझ ढोता हुआ अपनी ही लाश का ख़ुद मज़ार आदमी हर तरफ़ भागते दौड़ते रास्ते हर तरफ़ आदमी का शिकार आदमी रोज़ जीता हुआ रोज़ मरता हुआ हर नए दिन नया इंतिज़ार आदमी घर की दहलीज़ से गेहूँ के खेत तक चलता फिरता कोई कारोबार आदमी ज़िंदगी का मुक़द्दर सफ़र-दर-सफ़र आख़िरी साँस तक बे-क़रार आदमी

हम लबों से कह न पाए उन से हाल-ए-दिल कभी और वो समझे नहीं ये ख़ामुशी क्या चीज़ है

सफ़र में धूप तो होगी जो चल सको तो चलो सभी हैं भीड़ में तुम भी निकल सको तो चलो किसी के वास्ते राहें कहाँ बदलती हैं तुम अपने आप को ख़ुद ही बदल सको तो चलो यहाँ किसी को कोई रास्ता नहीं देता मुझे गिरा के अगर तुम सँभल सको तो चलो कहीं नहीं कोई सूरज धुआँ धुआँ है फ़ज़ा ख़ुद अपने आप से बाहर निकल सको तो चलो यही है ज़िंदगी कुछ ख़्वाब चंद उम्मीदें इन्हीं खिलौनों से तुम भी बहल सको तो चलो

वीडियो 66

This video is playing from YouTube

वीडियो का सेक्शन
शायर अपना कलाम पढ़ते हुए
Besan ki saundhi roti par khatti chatni jesi maa

Nida fazli was born in Delhi. Nida Fazli is a poet lyricist. He moved to Mumbai in a search for job in the early days of his career.His poetic style attracted the notice of filmmakers and writer of Hindi and Urdu literature. He recited his poetry for Rekhta.org निदा फ़ाज़ली

Dohe

निदा फ़ाज़ली

Jise dekhte hi khumari lage

Nida fazli was born in Delhi. Nida Fazli is a poet lyricist. He moved to Mumbai in a search for job in the early days of his career.His poetic style attracted the notice of filmmakers and writer of Hindi and Urdu literature. He recited his poetry for Rekhta.org निदा फ़ाज़ली

Koshish ke bawajood ye ilzaam reh gaya

Nida fazli was born in Delhi. Nida Fazli is a poet lyricist. He moved to Mumbai in a search for job in the early days of his career.His poetic style attracted the notice of filmmakers and writer of Hindi and Urdu literature. He recited his poetry for Rekhta.org निदा फ़ाज़ली

Nida Fazli at a mushaira

निदा फ़ाज़ली

Walid ki Wafaat Par by Nida Fazli

Nida fazli was born in Delhi. Nida Fazli is a poet lyricist. He moved to Mumbai in a search for job in the early days of his career.His poetic style attracted the notice of filmmakers and writer of Hindi and Urdu literature. He recited his poetry for Rekhta.org निदा फ़ाज़ली

कोशिश के बावजूद ये इल्ज़ाम रह गया

निदा फ़ाज़ली

जिसे देखते ही ख़ुमारी लगे

निदा फ़ाज़ली

वालिद की वफ़ात पर

तुम्हारी क़ब्र पर निदा फ़ाज़ली

ऑडियो 35

कभी कभी यूँ भी हम ने अपने जी को बहलाया है

कोशिश के बावजूद ये इल्ज़ाम रह गया

गरज बरस प्यासी धरती फिर पानी दे मौला

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

संबंधित शायर

  • उम्मीद फ़ाज़ली उम्मीद फ़ाज़ली भाई
  • सिद्दीक़ मुजीबी सिद्दीक़ मुजीबी समकालीन
  • सुल्तान अख़्तर सुल्तान अख़्तर समकालीन
  • बशर नवाज़ बशर नवाज़ समकालीन
  • प्रकाश फ़िक्री प्रकाश फ़िक्री समकालीन
  • ज़फ़र गोरखपुरी ज़फ़र गोरखपुरी समकालीन
  • सुदर्शन फ़ाख़िर सुदर्शन फ़ाख़िर समकालीन
  • वसीम बरेलवी वसीम बरेलवी समकालीन
  • अहमद फ़राज़ अहमद फ़राज़ समकालीन

"मुंबई" के और शायर

  • मिर्ज़ा आसमान जाह अंजुम मिर्ज़ा आसमान जाह अंजुम
  • इश्क़ औरंगाबादी इश्क़ औरंगाबादी
  • मुनव्वर ख़ान ग़ाफ़िल मुनव्वर ख़ान ग़ाफ़िल
  • अम्बर बहराईची अम्बर बहराईची
  • मुफ़्ती सदरुद्दीन आज़ुर्दा मुफ़्ती सदरुद्दीन आज़ुर्दा
  • अशरफ़ अली फ़ुग़ाँ अशरफ़ अली फ़ुग़ाँ
  • मुस्तफ़ा खां यकरंग मुस्तफ़ा खां यकरंग
  • इरफ़ान सिद्दीक़ी इरफ़ान सिद्दीक़ी
  • आदिल मंसूरी आदिल मंसूरी
  • सुल्तान अख़्तर सुल्तान अख़्तर