मैं अब हूँ ग़र्क़-ए-जल्वा या कि ख़ुद हूँ साहिब-ए-जल्वा
हुआ है चश्म-ए-नज़्ज़ारा को मुश्किल इम्तियाज़ आख़िर
शेयर कीजिए
पुस्तकें 2
Kalam-e-Razmi
1996
Majmua Saadat
अन्य शायरों को पढ़िए
उमैर नजमी
परवीन शाकिर
क़तील शिफ़ाई
मुकर्रम हुसैन आवान ज़मज़म
अहमद नदीम क़ासमी
असरार-उल-हक़ मजाज़
रिन्द लखनवी
बेदम शाह वारसी
इरफ़ान सिद्दीक़ी
अहमद फ़राज़
मिर्ज़ा ग़ालिब
दाग़ देहलवी
निदा फ़ाज़ली
इरफ़ान आबिद
हफ़ीज़ होशियारपुरी
राना सहरी
सय्यद यूसुफ़ अली खाँ नाज़िम
मज़हर इमाम
ख़्वाजा साजिद
ख़ालिद सईद
Recitation
join rekhta family!
You have exhausted 5 free content pages per year. Register and enjoy UNLIMITED access to the whole universe of Urdu Poetry, Rare Books, Language Learning, Sufi Mysticism, and more.