Qateel Shifai's Photo'

क़तील शिफ़ाई

1919 - 2001 | लाहौर, पाकिस्तान

सबसे लोकप्रिय शायरों में शामिल/प्रमुख फि़ल्म गीतकार/अपनी गज़ल ‘गर्मी-ए-हसरत-ए-नाकाम से जल जाते है’ के लिए प्रसिद्ध

सबसे लोकप्रिय शायरों में शामिल/प्रमुख फि़ल्म गीतकार/अपनी गज़ल ‘गर्मी-ए-हसरत-ए-नाकाम से जल जाते है’ के लिए प्रसिद्ध

ग़ज़ल 114

नज़्म 26

शेर 72

आख़री हिचकी तिरे ज़ानूँ पे आए

मौत भी मैं शाइराना चाहता हूँ

हमें भी नींद जाएगी हम भी सो ही जाएँगे

अभी कुछ बे-क़रारी है सितारो तुम तो सो जाओ

जब भी आता है मिरा नाम तिरे नाम के साथ

जाने क्यूँ लोग मिरे नाम से जल जाते हैं

whenever my name happens to be linked to thee

I wonder why these people burn with jealousy

whenever my name happens to be linked to thee

I wonder why these people burn with jealousy

दोहा 3

सती तो मैं हो जाऊँगी पर ये मुझे बता

पहले अगर मैं मर गई जलेगा तू भी क्या

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ये पैसा क्या चीज़ है खुले इस का भेद

जब आया मिरे हाथ में करने आया छेद

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मत आइयो तुम शहर में बन बन नाचते मोर

निरत के दुश्मन सब यहाँ क्या हाकिम क्या चोर

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रुबाई 7

क़ितआ 6

हास्य 3

 

ई-पुस्तक 23

आमोख़्ता

 

 

Bargad

 

1988

फ़न और शख़्सियत

क़तील शिफ़ाई नम्बर: शुमारा नम्बर-013,014

1982

गजर

 

1960

घुंगरू टूट गए

आप-बीती

2008

Guftgu

 

 

गुफ़्तुगू

 

 

Guftugu

 

1982

इंतिख़ाब

 

2011

Jaltarang

 

 

चित्र शायरी 20

वीडियो 74

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वीडियो का सेक्शन
शायर अपना कलाम पढ़ते हुए
Qatiil Shifai reading in a mushaira

Qatiil Shifai reading in a mushaira क़तील शिफ़ाई

Qatil shifaii at mushaira

क़तील शिफ़ाई

आओ कोई तफ़रीह का सामान किया जाए

क़तील शिफ़ाई

रक़्स करने का मिला हुक्म जो दरियाओं में

क़तील शिफ़ाई

ऑडियो 12

اپنے ہاتھوں کی لکیروں میں سجا لے مجھ کو

सदमा तो है मुझे भी कि तुझ से जुदा हूँ मैं

अंगड़ाई पर अंगड़ाई लेती है रात जुदाई की

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

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