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अहमद नदीम क़ासमी

1916 - 2006 | लाहौर, पाकिस्तान

पाकिस्तान के शीर्ष प्रगतिशील शायर/कहानीकारों में भी महत्वपूर्ण स्थान/सआदत हसन मंटो के समकालीन

पाकिस्तान के शीर्ष प्रगतिशील शायर/कहानीकारों में भी महत्वपूर्ण स्थान/सआदत हसन मंटो के समकालीन

ग़ज़ल 64

नज़्म 41

शेर 44

आख़िर दुआ करें भी तो किस मुद्दआ के साथ

कैसे ज़मीं की बात कहें आसमाँ से हम

जिस भी फ़नकार का शहकार हो तुम

उस ने सदियों तुम्हें सोचा होगा

कौन कहता है कि मौत आई तो मर जाऊँगा

मैं तो दरिया हूँ समुंदर में उतर जाऊँगा

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कहानी 14

क़ितआ 43

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चित्र शायरी 7

कौन कहता है कि मौत आई तो मर जाऊँगा मैं तो दरिया हूँ समुंदर में उतर जाऊँगा

दिल गया था तो ये आँखें भी कोई ले जाता मैं फ़क़त एक ही तस्वीर कहाँ तक देखूँ

कौन कहता है कि मौत आई तो मर जाऊँगा मैं तो दरिया हूँ समुंदर में उतर जाऊँगा

कौन कहता है कि मौत आई तो मर जाऊँगा मैं तो दरिया हूँ समुंदर में उतर जाऊँगा

कौन कहता है कि मौत आई तो मर जाऊँगा मैं तो दरिया हूँ समुंदर में उतर जाऊँगा

 

वीडियो 17

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वीडियो का सेक्शन
शायर अपना कलाम पढ़ते हुए
At a mushaira

अहमद नदीम क़ासमी

At a mushaira

अहमद नदीम क़ासमी

Dubai Mushaira

अहमद नदीम क़ासमी

Reciting poetry at Michigan Mushaira

अहमद नदीम क़ासमी

Tujhe kho kar bhi tujhe paaoon jahan tak dekhoon

अहमद नदीम क़ासमी

Ye hikayat hai koi aur na koi afsaana

अहमद नदीम क़ासमी

एक दरख़्वास्त

ज़िंदगी के जितने दरवाज़े हैं मुझ पे बंद हैं अहमद नदीम क़ासमी

जी चाहता है फ़लक पे जाऊँ

अहमद नदीम क़ासमी

तंग आ जाते हैं दरिया जो कुहिस्तानों में

अहमद नदीम क़ासमी

तुझे खो कर भी तुझे पाऊँ जहाँ तक देखूँ

अहमद नदीम क़ासमी

पत्थर

रेत से बुत न बना ऐ मिरे अच्छे फ़नकार अहमद नदीम क़ासमी

मुदावा हब्स का होने लगा आहिस्ता आहिस्ता

अहमद नदीम क़ासमी

लब-ए-ख़ामोश से इफ़्शा होगा

अहमद नदीम क़ासमी

हर लम्हा अगर गुरेज़-पा है

अहमद नदीम क़ासमी

ऑडियो 41

अंदाज़ हू-ब-हू तिरी आवाज़-ए-पा का था

जब तिरा हुक्म मिला तर्क मोहब्बत कर दी

अंदाज़ हू-ब-हू तिरी आवाज़-ए-पा का था

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

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